MS Excel में Charts के विभिन्न प्रकार
चार्ट का परिचय और वर्गीकरण का आधार
MS Excel में डेटा विज़ुअलाइज़ेशन के लिए अनेक प्रकार के चार्ट उपलब्ध हैं। प्रत्येक चार्ट का एक विशिष्ट उद्देश्य होता है और वह किसी ख़ास प्रकार की डेटा की कहानी को कहने के लिए सर्वोत्तम होता है। गलत चार्ट प्रकार का चयन भ्रामक निष्कर्ष की ओर ले जा सकता है, इसलिए अपने डेटा के उद्देश्य के अनुसार सही चार्ट चुनना आवश्यक है।
चार्ट प्रकार (Chart Type): एक्सेल में उपलब्ध चार्टों की विविध श्रेणियाँ, जिनमें से प्रत्येक डेटा को प्रस्तुत करने का एक अलग तरीका प्रदान करती है। मुख्य वर्गीकरण डेटा प्रदर्शन के उद्देश्य—जैसे तुलना (Comparison), प्रवृत्ति (Trend), संरचना (Composition), संबंध (Relationship), और वितरण (Distribution)—के आधार पर किया जाता है।
एक्सेल में चार्ट चुनने का सबसे आसान तरीका है 'इंसर्ट' टैब पर जाकर 'चार्ट्स' ग्रुप में उपलब्ध विकल्पों का उपयोग करना, या फिर डेटा सिलेक्ट करने के बाद 'इंसर्ट > रिकमेंडेड चार्ट्स' का विकल्प चुनना, जो एक्सेल द्वारा स्वतः सुझाए गए चार्ट दिखाता है।
चार्ट चुनने का सुनहरा नियम: सदैव अपने संदेश (Message) और दर्शक (Audience) को ध्यान में रखें। तकनीकी दर्शकों के लिए स्कैटर प्लॉट उपयुक्त हो सकता है, जबकि सामान्य प्रबंधकों के लिए कॉलम या लाइन चार्ट अधिक प्रभावी रहते हैं।
तुलना दर्शाने वाले चार्ट (Charts for Comparison)
इस श्रेणी के चार्ट्स का उपयोग अलग-अलग श्रेणियों (Categories) के मानों की तुलना करने के लिए किया जाता है। ये चार्ट इस प्रश्न का उत्तर देते हैं: "किसका मान अधिक या कम है?"
1. कॉलम चार्ट (Column Chart)
यह सबसे सामान्य और व्यापक रूप से उपयोग किया जाने वाला चार्ट है। इसमें डेटा को ऊर्ध्वाधर सलाखों (Vertical Bars) के रूप में दर्शाया जाता है, जिनकी ऊँचाई उनके मान के अनुसार होती है।
* उपयोग: विभिन्न श्रेणियों (जैसे उत्पादों, महीनों, शहरों) के बीच तुलना करने के लिए। * प्रकार: * क्लस्टर्ड कॉलम (Clustered Column): एक ही श्रेणी में अलग-अलग डेटा सीरीज़ की सलाखों को साथ-साथ दिखाता है। * स्टैक्ड कॉलम (Stacked Column): एक ही श्रेणी में अलग-अलग डेटा सीरीज़ की सलाखों को एक-दूसरे के ऊपर जोड़कर दिखाता है, जिससे कुल मान और भागों का योगदान दोनों पता चलता है। * 100% स्टैक्ड कॉलम (100% Stacked Column): प्रत्येक सलाख की कुल ऊँचाई 100% होती है और भागों को प्रतिशत के रूप में दर्शाया जाता है।
2. बार चार्ट (Bar Chart)
यह कॉलम चार्ट का क्षैतिज (Horizontal) संस्करण है। इसमें डेटा को क्षैतिज सलाखों के रूप में दर्शाया जाता है, जिनकी लंबाई उनके मान के अनुसार होती है।
* उपयोग: * जब श्रेणियों के नाम बहुत लंबे हों और कॉलम चार्ट में फिट न हो पाएँ। * जब रैंकिंग (क्रम) दिखानी हो (जैसे टॉप-10 ग्राहक)। * समय (Time) शामिल न होने पर तुलना करने के लिए। * प्रकार: क्लस्टर्ड बार, स्टैक्ड बार और 100% स्टैक्ड बार, जो कॉलम चार्ट के समान ही होते हैं।
| चार्ट प्रकार | सर्वोत्तम उपयोग | एक महत्वपूर्ण टिप |
|---|---|---|
| क्लस्टर्ड कॉलम/बार | विभिन्न श्रेणियों में 2-4 डेटा सीरीज़ की सीधी तुलना। | अधिक डेटा सीरीज़ (5+) होने पर चार्ट जटिल और पढ़ने में कठिन हो जाता है। |
| स्टैक्ड कॉलम/बार | प्रत्येक श्रेणी का कुल मान और उसमें भागों का योगदान दोनों दिखाना। | निचली सीरीज़ के मानों की तुलना करना थोड़ा कठिन हो सकता है। |
| 100% स्टैक्ड कॉलम/बार | विभिन्न श्रेणियों में भागों के प्रतिशत योगदान की तुलना करना (कुल मान नहीं)। | जब श्रेणियों का कुल मान अलग-अलग है, तब यह चार्ट विशेष रूप से उपयोगी है। |
प्रवृत्ति दर्शाने वाले चार्ट (Charts for Showing Trend)
इन चार्ट्स का उद्देश्य समय के साथ डेटा में होने वाले परिवर्तन और दिशा (बढ़त/गिरावट) को दिखाना है।
1. लाइन चार्ट (Line Chart)
प्रवृत्ति दर्शाने के लिए यह सबसे प्रभावशाली और पसंदीदा चार्ट है। इसमें डेटा पॉइंट्स को रेखा से जोड़ा जाता है, जिससे समय के साथ होने वाले परिवर्तन स्पष्ट दिखाई देते हैं।
* उपयोग: किसी भी सतत (Continuous) अवधि (महीने, वर्ष, तिमाही) में रुझान दिखाने के लिए। उदाहरण: वार्षिक बिक्री, मासिक वेबसाइट विज़िटर, स्टॉक मूल्य। * प्रकार: * साधारण लाइन चार्ट। * स्टैक्ड लाइन चार्ट: अलग-अलग भागों के योगदान की प्रवृत्ति दिखाता है (लेकिन इसकी व्याख्या करना थोड़ा कठिन हो सकता है)।
2. एरिया चार्ट (Area Chart)
यह लाइन चार्ट के समान है, लेकिन रेखा के नीचे के क्षेत्र को रंग से भर दिया जाता है। यह परिवर्तन की मात्रा (Magnitude of Change) और संचयी योग (Cumulative Total) को अधिक बल देकर दिखाता है।
* उपयोग: समय के साथ कुल मान की प्रवृत्ति और उसमें विभिन्न घटकों के योगदान को एक साथ दिखाने के लिए। * प्रकार: * स्टैक्ड एरिया (Stacked Area): विभिन्न डेटा सीरीज़ को एक-दूसरे के ऊपर जोड़कर दिखाता है, जिससे कुल और भागों का योगदान दोनों पता चलता है। * 100% स्टैक्ड एरिया (100% Stacked Area): प्रत्येक बिंदु पर कुल 100% होता है और प्रतिशत योगदान की प्रवृत्ति दिखाता है।
"लाइन चार्ट समय श्रृंखला डेटा की कहानी कहने का राजमार्ग है। यह न केवल अतीत के रुझान बताता है, बल्कि भविष्य के अनुमान लगाने के लिए एक दृश्य आधार भी प्रदान करता है।"
- डेटा विश्लेषण पर एक टिप्पणी
संरचना या हिस्सा-पूर्ण दर्शाने वाले चार्ट (Charts for Composition / Part-to-Whole)
ये चार्ट यह दिखाते हैं कि कोई पूर्ण (Whole) विभिन्न भागों (Parts) में कैसे बँटा हुआ है।
1. पाई चार्ट (Pie Chart)
यह एक ही डेटा सीरीज़ में विभिन्न श्रेणियों के प्रतिशत योगदान को दर्शाने के लिए सबसे लोकप्रिय चार्ट है। पूरा वृत्त (100%) होता है और प्रत्येक टुकड़ा (Slice) एक श्रेणी का प्रतिनिधित्व करता है।
* उपयोग: सरल प्रतिशत वितरण दिखाने के लिए (जैसे बाज़ार में हिस्सेदारी, बजट आवंटन)। * सीमाएँ और टिप्स: * 5-7 से अधिक टुकड़े नहीं होने चाहिए, नहीं तो चार्ट अव्यवस्थित हो जाता है। * श्रेणियों के मानों में बहुत अधिक अंतर नहीं होना चाहिए। * तुलना के लिए अच्छा नहीं है (बार चारट इसके लिए बेहतर है)।
2. डोनट चार्ट (Doughnut Chart)
यह पाई चार्ट के समान है, लेकिन बीच में खाली स्थान होता है। इस खाली स्थान का उपयोग अतिरिक्त जानकारी (जैसे कुल योग) रखने के लिए किया जा सकता है।
* उपयोग: पाई चार्ट की तरह ही, लेकिन एक से अधिक डेटा सीरीज़ (एक के अंदर एक घेरा) दिखाने के लिए भी इसका उपयोग किया जा सकता है। उदाहरण: वर्ष 2023 और 2024 के बजट आवंटन की तुलना।
3. ट्रीमैप चार्ट (Treemap Chart)
यह हाइरार्किकल (श्रेणीबद्ध) डेटा को दिखाने का एक आधुनिक और प्रभावी तरीका है। यह आयतों (Rectangles) के एक सेट के रूप में डेटा दिखाता है, जहाँ प्रत्येक आयत का आकार और रंग उसके मान को दर्शाता है।
* उपयोग: जब बहुत सारी श्रेणियाँ हों और उनके भीतर उप-श्रेणियाँ हों। उदाहरण: एक कंपनी के राजस्व को पहले क्षेत्रों (बड़े आयत) और फिर प्रत्येक क्षेत्र में उत्पादों (छोटे आयत) में विभाजित करके दिखाना।
पाई चार्ट बनाते समय ध्यान रखने योग्य बातें (Best Practices): 1. श्रेणियों की संख्या सीमित रखें (Max 5-7) 2. सबसे बड़े टुकड़े को 12 बजे की स्थिति से शुरू करें (घड़ी की दिशा में) 3. सीधे डेटा लेबल (प्रतिशत) का उपयोग करें, लीजेंड का नहीं (पहचान आसान होगी) 4. महत्वपूर्ण टुकड़े को अलग करके (Explode) दिखाएँ 5. 3D प्रभाव से बचें, यह डेटा को विकृत कर सकता है
संबंध और वितरण दर्शाने वाले चार्ट (Charts for Relationship & Distribution)
1. स्कैटर चार्ट / XY चार्ट (Scatter Chart)
इस चार्ट में दो चर (Variables) के बीच संबंध (Relationship) या सहसंबंध (Correlation) दिखाया जाता है। इसमें डेटा को बिंदुओं (Dots) के रूप में प्लॉट किया जाता है।
* उपयोग: यह पता लगाने के लिए कि क्या एक चर के बढ़ने या घटने पर दूसरा चर प्रभावित होता है। उदाहरण: विज्ञापन खर्च और बिक्री, ऊँचाई और वज़न, तापमान और आइसक्रीम की बिक्री के बीच संबंध। * महत्व: यह ट्रेंडलाइन (Trendline) जोड़कर संबंध की ताकत और दिशा बताने में मदद करता है।
2. बबल चार्ट (Bubble Chart)
यह स्कैटर चार्ट का एक विस्तार है, जहाँ तीसरा चर बबल के आकार (Size) के माध्यम से दर्शाया जाता है।
* उपयोग: तीन चरों (X मान, Y मान, और आकार मान) के बीच संबंध दिखाने के लिए। उदाहरण: कंपनियों का निवेश (X), लाभ (Y), और बाजार हिस्सेदारी (बबल का आकार)।
3. हिस्टोग्राम (Histogram)
यह डेटा के वितरण (Distribution) और आवृत्ति (Frequency) को दर्शाता है। यह डेटा को विभिन्न "बिन" (Bin) या अंतरालों में समूहित करता है और दिखाता है कि प्रत्येक अंतराल में कितने डेटा पॉइंट्स आते हैं।
* उपयोग: यह समझने के लिए कि डेटा कहाँ केंद्रित है और इसका प्रसार (Spread) क्या है। उदाहरण: कक्षा में छात्रों के अंकों का वितरण, कर्मचारियों की आयु का वितरण, उत्पादन की गुणवत्ता नियंत्रण।
| चार्ट प्रकार | दिखाता है | सर्वोत्तम उपयोग का उदाहरण |
|---|---|---|
| स्कैटर (XY) चार्ट | दो संख्यात्मक चरों के बीच संबंध/सहसंबंध। | विज्ञापन व्यय (X) और बिक्री राजस्व (Y) के बीच संबंध का विश्लेषण। |
| बबल चार्ट | तीन संख्यात्मक चरों के बीच संबंध। | देशों की जनसंख्या (बबल आकार), साक्षरता दर (X), और प्रति व्यक्ति आय (Y) की तुलना। |
| हिस्टोग्राम | एकल चर के मानों की आवृत्ति और वितरण। | एक कारखाने में उत्पादित वस्तुओं के वजन का वितरण जानना (कितने उत्पाद 100-105gm, 105-110gm के बीच हैं)। |
विशेष उद्देश्य वाले चार्ट (Special Purpose Charts)
1. वॉटरफॉल चार्ट (Waterfall Chart)
यह दिखाता है कि कैसे एक प्रारंभिक मान (Initial Value) पर धनात्मक और ऋणात्मक परिवर्तनों का क्रमिक प्रभाव पड़कर एक अंतिम मान (Final Value) प्राप्त होता है।
* उपयोग: वित्तीय विवरणों (जैसे शुद्ध लाभ का विश्लेषण: प्रारंभिक राजस्व + अन्य आय - विभिन्न खर्च = शुद्ध लाभ) में अत्यंत उपयोगी।
2. फ़नल चार्ट (Funnel Chart)
यह एक प्रक्रिया के चरणों में होने वाली हानि (Attrition) या संकुचन (Contraction) को दर्शाता है। यह चौड़े सिरे से शुरू होकर संकरे सिरे पर समाप्त होता है।
* उपयोग: बिक्री पाइपलाइन (लीड से ग्राहक बनने तक), वेबसाइट रूपांतरण दर, भर्ती प्रक्रिया के चरण।
3. कॉम्बो / कंबाइन्ड चार्ट (Combo Chart)
यह दो अलग-अलग चार्ट प्रकारों (जैसे कॉलम चार्ट और लाइन चार्ट) को एक साथ जोड़कर बनाया जाता है। इसमें अक्सर दो अलग-अलग Y-अक्ष (सेकेंडरी एक्सिस) होते हैं।
* उपयोग: जब एक ही चार्ट में दो अलग-अलग स्केल वाली डेटा सीरीज़ को दिखाना हो। उदाहरण: महीने के हिसाब से बिक्री (कॉलम, प्राथमिक Y-अक्ष) और लाभ मार्जिन % (लाइन, सेकेंडरी Y-अक्ष)।
4. स्टॉक चार्ट (Stock Chart)
जैसा कि नाम से स्पष्ट है, यह शेयर बाज़ार के डेटा को दर्शाने के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया है।
* उपयोग: समय के साथ स्टॉक की कीमतों में उतार-चढ़ाव दिखाने के लिए। यह ओपन, हाई, लो, और क्लोज (OHLC) या केवल हाई, लो, क्लोज (HLC) मान दिखा सकता है।
अंतिम सुझाव: अपने डेटा को सिलेक्ट करने के बाद 'इंसर्ट > रिकमेंडेड चार्ट्स' विकल्प का उपयोग जरूर करें। एक्सेल आपके डेटा पैटर्न को पहचानकर सबसे उपयुक्त 2-3 चार्ट के सुझाव देगा, जिससे आपका समय बचेगा और चार्ट चुनने में मदद मिलेगी।
इस प्रकार, MS Excel में उपलब्ध विभिन्न चार्ट प्रकारों को समझकर और उनका उचित उपयोग करके आप अपने आँकड़ों को अधिक प्रभावशाली, स्पष्ट और पेशेवर ढंग से प्रस्तुत कर सकते हैं। याद रखें, आपका लक्ष्य डेटा दिखाना नहीं, बल्कि उसकी कहानी सुनाना है, और सही चारट उस कहानी का सबसे अच्छा वक्ता है।